Friday, 20 April 2012

पाकिस्तान में हाहाकार,भारत में हुंकार


 

रमेश यादव
२० अप्रैल,२०१२,नई दिल्ली.   
पाकिस्तान बर्बादी का खौफनाक मंज़र देखकर चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ था.गमज़दा नम आँखें,शून्य में देख रही थीं.बचाव कार्य जारी था.स्थानीय मीडिया भी डाटा हुआ था.पूरा माहौल गमगीन था.लोग एक दूसरे की तरफ मदद के लिए हाथ बढ़ा रहे थे.
ठीक इसी वक्त भारतीय में सर्वाधिक खबरिया चैनल अन्ना-रामदेव की प्रगाढ़ होती मित्रता का हुंकार भर रहे थे,तो कुछ निर्मल बाबा के बर्बादी और आईपीएल का जश्न मना रहे थे.बाकी जो बचे थे,वे राष्ट्रपति और नरेन्द्र मोदी की तरफ ताक-झांक कर रहे थे.   
पाकिस्तान में हुए विमान दुर्घटना की खबरें,यहाँ के खबरिया चैनलों में रश्म अदायगी भर दिखीं.कहा जाता है कि रिश्तेदार कितने भी घनिष्ठ और अच्छे क्यों न हों.जब घर में आग लगी होती है,उस वक्त बुरे पड़ोसी ही आग बुझाने में मदद करते हैं.
कम से कम इस मामले में खबरिया चैनलों को पड़ोसी धर्म का निर्वाह का करना चाहिए था.मौजूदा समय में जैसी वैश्विक परिस्थितियां बन रही हैं,उसमें दोनों मुल्कों को एक दूसरे के पक्ष में खड़े होने की जरूरत है.
आज भी दुनिया में दुःख-दर्द और संवेदना के बाज़ार-भाव का ग्राफ सर्वाधिक ऊंचाई पर है.मीडिया बखूबी इसका प्रयोग भी करता है.लेकिन यहाँ भारतीय खबरिया चैनल चूक गए लगते हैं.        
आखिर क्या वजह है कि बीना मालिक को लाईव दिखाने वाला खबरिया चैनल,इतने बड़े हादसे पर खबरों की खानापूर्ति करता हुआ नज़र आया.
याद कीजिये.गत माह की उस घटना को जब मुंबई में बीना मालिक कहीं छुप गई थी.खबरिया चैनल,उसकी याद में कई दिन तक रतजग्गा किये थे.
अभी हाल ही में पाकिस्तान के राष्ट्रपति ‘जरदारी’ भारत में जियारत करने आये थे.उस दौरान भी खबरिया चैनल, जरदारी,जायका और जियारत के पल-पल की जानकारी दे रहे थे.
उन दिनों को याद कीजिये जब भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच होता है.यही खबरिया चैनल स्वस्थ्य सूचना-समाचार प्रस्तुत करने की जगह आत्मघाती दस्ता नजर आते हैं.
चैनल खेल के मैदान को ‘युद्ध भूमि’ में बदल देते हैं.जिस वक्त खिलाड़ी मैदान में खेल रहे होते हैं,ठीक उसी समय चैनल टीवी स्क्रीन पर जंग लड़े रहे होते हैं.खबर पेश करने का उनका अंदाज़ बहादुराना (असल कायराना) होता है.
बात यहीं तक सीमित नहीं होती.वे दोनों मुल्कों के खिलाड़ियों और दर्शकों में एक-दूसरे के खिलाफ प्रेम और सद्भावना की जगह आक्रोश,नफ़रत और उन्माद पैदा करते दिखते हैं.
जब भी दोनों देश मैत्रीपूर्ण संबंधों के लिए एक कदम आगे बढ़ते हैं,खबरिया चैनलों की सक्रिय और आक्रामकता दिखते बनती है.
ये सद्भावना के लिए भी प्रयास करते हैं,तब भी पता नहीं क्यों ? इनके शांति में भी अशांति और आतंक दिखता है.
भारतीय खबरिया चैनलों का यह व्यवहार,उनके दिल-दिमाग,दृष्टि और दृष्टिकोण को लेकर संदेह और सवाल पैदा करते हैं.बजाय वे आम-आदमी का हमदर्द बनते नज़र आते.
पाकिस्तान में विमान दुर्घटना :    
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के निकट एक यात्री विमान शुक्रवार की शाम दुर्घटनाग्रस्त हो गया है.भोजा एयरलाइंस का यह विमान इस्लामाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकट दुर्घटनाग्रस्त होकर एक रिहायशी इलाके में गिर गया था.इस विमान पर 127 लोग सवार थे.यह विमान कराची से इस्लामाबाद जा रहा था.खराब मौसम के कारण रावलपिंडी के चकलाला के निकट दुर्घटनाग्रस्त हो गया.आपातकालीन सेवाएँ मौके पर पहुँच गई हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि इस विमान में 118 यात्री और चालक दल के नौ सदस्य सवार 
   

1 comment:

यशवन्त माथुर said...

सही बात कह रहे हैं सर!


सादर